School Holidays News 2026: देशभर में बढ़ती ठंड और बिगड़ते मौसम के हालात को देखते हुए शिक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। कई राज्यों में सरकारी और प्राइवेट स्कूल-कॉलेजों को अस्थायी रूप से बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं। School Holidays News 2026 के अनुसार कड़ाके की ठंड, घने कोहरे और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई जगहों पर 15 दिनों तक शैक्षणिक संस्थान बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
इस फैसले से लाखों छात्रों और अभिभावकों को राहत मिली है, क्योंकि अत्यधिक ठंड में स्कूल आना-जाना बच्चों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकता है।
क्यों लिया गया स्कूल-कॉलेज बंद करने का फैसला
जनवरी 2026 में उत्तर भारत सहित कई हिस्सों में ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ असर दिखाया है। तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है और सुबह-शाम घना कोहरा देखने को मिल रहा है। छोटे बच्चों और किशोरों के लिए ऐसे हालात में स्कूल जाना जोखिम भरा माना जा रहा है।
इसी कारण राज्य सरकारों और जिला प्रशासन ने एहतियातन यह फैसला लिया है कि छात्रों को घर पर सुरक्षित रखा जाए और ठंड का असर कम होने तक शैक्षणिक गतिविधियां स्थगित की जाएं।
किन राज्यों में लागू हुआ स्कूल अवकाश का आदेश
School Holidays News 2026 के तहत कई राज्यों में जिला-स्तर पर आदेश जारी किए गए हैं। उत्तर भारत के कुछ राज्यों में ठंड के साथ-साथ कोहरे और मौसम की मार ज्यादा देखने को मिल रही है।
बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड और कुछ अन्य राज्यों में प्रशासन ने सरकारी और निजी स्कूलों को बंद रखने का निर्देश दिया है। कुछ जिलों में यह अवकाश पहले 7 दिनों के लिए घोषित किया गया है, जिसे हालात के अनुसार बढ़ाकर 15 दिन तक किया जा सकता है।
किन-किन संस्थानों पर लागू होगा अवकाश
जारी आदेशों के अनुसार यह अवकाश केवल स्कूलों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उच्च शिक्षा संस्थानों पर भी लागू होगा।
इस आदेश के अंतर्गत कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी सरकारी और निजी स्कूल शामिल हैं। इसके साथ ही सभी डिग्री कॉलेज, विश्वविद्यालय, तकनीकी संस्थान और प्रोफेशनल ट्रेनिंग सेंटर भी बंद रहेंगे।
इसके अलावा आंगनवाड़ी केंद्रों को भी अस्थायी रूप से बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि छोटे बच्चों को ठंड से सुरक्षित रखा जा सके।
15 दिन तक क्यों रखी गई छुट्टी
प्रशासन का मानना है कि ठंड का यह असर कुछ ही दिनों में खत्म होने वाला नहीं है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार आने वाले दिनों में भी तापमान में खास सुधार की संभावना कम है।
इसी वजह से 15 दिनों की छुट्टी का निर्णय लिया गया है, ताकि बार-बार आदेश बदलने की जरूरत न पड़े और अभिभावक पहले से बच्चों की देखभाल की योजना बना सकें।
कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों पर विशेष ध्यान
छोटे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है और ठंड में उन्हें जल्दी सर्दी-खांसी, बुखार और सांस से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।
इसी को देखते हुए कई जिलों में पहले कक्षा 1 से 8 तक के स्कूल बंद किए गए हैं। कुछ जगहों पर हालात गंभीर होने के कारण 9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं भी स्थगित कर दी गई हैं।
क्या ऑनलाइन पढ़ाई होगी या नहीं
अभिभावकों और छात्रों के मन में यह सवाल भी उठ रहा है कि स्कूल बंद रहने के दौरान ऑनलाइन क्लासेज चलेंगी या नहीं।
ज्यादातर जिलों में प्रशासन ने साफ किया है कि इस अवकाश अवधि में छात्रों पर किसी भी तरह की अनिवार्य शैक्षणिक गतिविधि का दबाव नहीं डाला जाएगा। हालांकि कुछ निजी स्कूल अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन पढ़ाई का विकल्प दे सकते हैं, लेकिन यह अनिवार्य नहीं होगा।
अन्य कारण भी बने स्कूल बंद होने की वजह
कुछ क्षेत्रों में केवल ठंड ही नहीं, बल्कि अन्य परिस्थितियों के कारण भी स्कूल बंद करने का फैसला लिया गया है।
कई जगहों पर हाल ही में भारी बारिश और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। कुछ जिलों में बाढ़ जैसे हालात देखने को मिले हैं, जिससे सड़कों पर आवाजाही मुश्किल हो गई है।
इन सब कारणों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अवकाश घोषित किया है।
प्रशासन की छात्रों और अभिभावकों से अपील
जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे छुट्टी के दौरान बच्चों को स्कूल, कोचिंग या ट्यूशन भेजने से बचें।
इसके साथ ही स्कूल प्रबंधन को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे इस अवधि में किसी प्रकार की ऑफलाइन कक्षाएं, परीक्षा या अन्य गतिविधियां आयोजित न करें।
क्या शिक्षकों के लिए भी रहेगा अवकाश
कई जिलों में शिक्षकों को भी स्कूल न बुलाने का आदेश दिया गया है, जबकि कुछ जगहों पर प्रशासनिक कार्यों के लिए सीमित स्टाफ को बुलाया जा सकता है।
हालांकि शिक्षण कार्य पूरी तरह से स्थगित रहेगा और किसी भी छात्र को स्कूल आने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।
आगे क्या हो सकता है फैसला
School Holidays News 2026 के अनुसार यदि मौसम की स्थिति में सुधार होता है, तो छुट्टियों की अवधि को घटाया भी जा सकता है। वहीं अगर ठंड और बढ़ती है, तो अवकाश को आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
इसलिए छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने जिले के प्रशासन और शिक्षा विभाग की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं पर नजर बनाए रखें।
छात्रों के लिए राहत भरा फैसला
लगातार बढ़ती ठंड के बीच स्कूल-कॉलेज बंद होने का यह फैसला छात्रों के लिए राहत लेकर आया है। सुबह-सुबह ठंड में निकलने की मजबूरी खत्म होने से बच्चों का स्वास्थ्य सुरक्षित रहेगा।
अभिभावकों ने भी इस निर्णय का स्वागत किया है और इसे बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से जरूरी बताया है।
निष्कर्ष
कड़ाके की ठंड को देखते हुए 15 दिनों तक स्कूल-कॉलेज बंद रखने का निर्णय छात्रों के हित में उठाया गया कदम है। School Holidays News 2026 के तहत जारी यह आदेश साफ तौर पर यह दिखाता है कि प्रशासन बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दे रहा है।
आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति के आधार पर आगे के फैसले लिए जाएंगे। तब तक छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे घर पर सुरक्षित रहें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।









