School Closed New Notice 2026: उत्तर प्रदेश में इस समय सर्दी अपने सबसे गंभीर दौर में पहुंच चुकी है। बीते कई वर्षों के मुकाबले इस बार ठंड का असर कहीं अधिक देखा जा रहा है। सुबह और रात के समय तापमान बेहद नीचे चला जा रहा है, वहीं घना कोहरा और शीतलहर आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर रही है। सबसे ज्यादा परेशानी छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को हो रही है। इसी स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूलों को लेकर अहम फैसला लिया है।
ठंड का बढ़ता प्रकोप और जनजीवन पर असर
प्रदेश के कई जिलों में न्यूनतम तापमान लगातार गिर रहा है। कुछ इलाकों में तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। सुबह के समय घना कोहरा छाया रहता है, जिससे सड़कों पर दृश्यता बेहद कम हो जाती है। ऐसे हालात में छोटे बच्चों का सुबह-सुबह स्कूल जाना जोखिम भरा साबित हो सकता है। ठंड के कारण सर्दी-जुकाम, बुखार और सांस से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।
मौसम विभाग की चेतावनी और प्रशासन की सतर्कता
मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों तक ठंड और कोहरे की स्थिति बने रहने की चेतावनी जारी की है। कई जिलों में शीतलहर का अलर्ट भी जारी किया गया है। इन चेतावनियों के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए स्कूलों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है, ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके।
8वीं कक्षा तक के स्कूलों में छुट्टी का नया आदेश
बढ़ती ठंड को देखते हुए उत्तर प्रदेश के कई जिलों में नर्सरी से लेकर कक्षा 8 तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। प्रयागराज समेत कई जिलों में जिला प्रशासन और जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा यह आदेश लागू किया गया है। नए निर्देशों के अनुसार 15 जनवरी तक आठवीं कक्षा तक के स्कूल बंद रहेंगे।
इस आदेश का पालन सीबीएसई, आईसीएसई और राज्य बोर्ड से जुड़े सभी स्कूलों को करना अनिवार्य होगा। इसका साफ मतलब है कि छोटे बच्चों को फिलहाल स्कूल नहीं जाना होगा और वे घर पर ही सुरक्षित रहेंगे।
अभिभावकों और छात्रों को मिली राहत
इस फैसले के बाद अभिभावकों ने राहत की सांस ली है। इतनी ठंड में बच्चों को सुबह जल्दी स्कूल भेजना माता-पिता के लिए चिंता का कारण बन रहा था। स्कूल बंद रहने से बच्चों को ठंड और कोहरे से होने वाली बीमारियों का खतरा कम होगा। साथ ही छात्रों को भी सर्द मौसम में आराम करने का मौका मिलेगा।
स्कूल दोबारा कब खुलेंगे, जानें संभावित तारीख
छुट्टी बढ़ने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि स्कूल दोबारा कब खुलेंगे। मौजूदा आदेश के अनुसार अगर मौसम में सुधार देखने को मिलता है, तो 16 जनवरी से स्कूल खोले जा सकते हैं। हालांकि प्रशासन ने साफ किया है कि अंतिम फैसला पूरी तरह मौसम की स्थिति पर निर्भर करेगा।
यदि ठंड और कोहरा इसी तरह बना रहता है, तो स्कूलों की छुट्टियां आगे भी बढ़ाई जा सकती हैं। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे स्कूल प्रशासन और स्थानीय प्रशासन से जुड़े अपडेट पर नजर बनाए रखें।
शिक्षकों और स्टाफ के लिए क्या होंगे नियम
जहां एक ओर छात्रों के लिए अवकाश घोषित किया गया है, वहीं दूसरी ओर शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को अपने कार्यस्थल पर उपस्थित रहना होगा। प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्य नियमित रूप से चलते रहेंगे। सभी प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें और किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें।
मुख्यमंत्री के निर्देश और स्कूलों पर निगरानी
प्रदेश में भीषण ठंड को देखते हुए मुख्यमंत्री की ओर से पहले ही स्कूलों को बंद रखने के निर्देश जारी किए गए थे। इसके बावजूद कुछ इलाकों से शिकायतें सामने आई हैं कि कुछ स्कूल आदेश के बाद भी संचालित हो रहे थे। प्रशासन ने इन मामलों को गंभीरता से लिया है और ऐसे स्कूलों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
ठंड से बचाव को लेकर स्वास्थ्य विभाग की अहम सलाह
स्वास्थ्य विभाग और डॉक्टरों ने इस मौसम में खास सावधानी बरतने की सलाह दी है। ठंड के दिनों में ठंडे पानी से नहाने से बचने, गर्म कपड़े पहनने और बच्चों को सुबह-शाम बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। शुगर, बीपी और सांस से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित लोगों को अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत है।
बच्चों के लिए पौष्टिक और गर्म भोजन देने की सलाह दी जा रही है, ताकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनी रहे। साथ ही घर के अंदर भी ठंड से बचाव के उचित इंतजाम करने पर जोर दिया गया है।
प्रदेश के सबसे ठंडे जिले कौन से रहे
इस बार उत्तर प्रदेश के कई जिले भीषण ठंड की चपेट में हैं। इटावा, बहराइच, गोरखपुर, सुल्तानपुर और आजमगढ़ जैसे जिलों में तापमान सबसे कम दर्ज किया गया है। इन इलाकों में शीतलहर का असर ज्यादा देखने को मिल रहा है। यही वजह है कि इन जिलों में स्कूल बंद रखने का फैसला और भी जरूरी माना जा रहा है।
बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि
School Closed New Notice बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया एक जरूरी और सराहनीय कदम है। ठंड और कोहरे के इस दौर में बच्चों को घर पर सुरक्षित रखना ही सबसे बेहतर विकल्प है। अभिभावकों को चाहिए कि वे प्रशासन के निर्देशों का पूरी तरह पालन करें और बच्चों की सेहत का विशेष ध्यान रखें।
आने वाले दिनों में जैसे ही मौसम में सुधार होगा, स्कूलों को फिर से खोलने का निर्णय लिया जाएगा। तब तक सावधानी, सतर्कता और सुरक्षा ही सबसे बड़ी जरूरत है।









