उत्तर और मध्य भारत में बदलेगा मौसम, बारिश की दस्तक पर Skymet का बड़ा अनुमान North India Rain Alert

By shruti

Published On:

North India Rain Alert

North India Rain Alert: उत्तर और मध्य भारत में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। लंबे समय से चल रही शुष्क ठंड और गिरते तापमान के बीच अब बादलों की आवाजाही और वर्षा की संभावना ने लोगों की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। मौसम के जानकारों के अनुसार, आने वाले दिनों में पहाड़ी इलाकों से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक मौसम की गतिविधियां तेज होंगी। इसका असर आम जनजीवन के साथ-साथ खेती, स्वास्थ्य और परिवहन पर भी साफ दिखाई देगा।

पहाड़ों में बर्फबारी से मैदानी इलाकों तक असर

मौसम पूर्वानुमान एजेंसी Skymet Weather के मुताबिक, उत्तर भारत में एक बार फिर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। बीते कुछ समय से यह सिस्टम कमजोर पड़ा हुआ था, जिसके कारण पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी कम देखने को मिली। अब जैसे ही यह नया सिस्टम आगे बढ़ेगा, हिमालयी इलाकों में अच्छी बर्फबारी की संभावना बनेगी। इससे न केवल पहाड़ों में ठंड बढ़ेगी, बल्कि ग्लेशियरों को भी नया संबल मिलेगा।

16 जनवरी के आसपास दिखेगा असर

विशेषज्ञों का कहना है कि लगभग 16 जनवरी के आसपास यह मौसम प्रणाली पूरी तरह से पहाड़ी क्षेत्रों में पहुंचेगी। इसके बाद उत्तर भारत के मौसम में बड़ा परिवर्तन देखने को मिल सकता है। बर्फ से ढके पहाड़ों का सीधा असर मैदानी इलाकों के तापमान पर पड़ेगा, हालांकि बादलों की मौजूदगी कुछ हद तक ठंड से राहत भी दिला सकती है।

यह भी पढ़े:
RBI New Decision 2026 इनकम टैक्स नियम पूरी तरह बदले, सेविंग अकाउंट पर पड़ेगा सीधा असर RBI New Decision 2026

मैदानी इलाकों में पाले का खतरा, किसान रहें सतर्क

इस समय उत्तर भारत के कई मैदानी जिलों में तापमान बेहद नीचे चला गया है। हरियाणा और राजस्थान से सटे इलाकों में रात का तापमान शून्य के करीब पहुंचने से पाले की समस्या सामने आ रही है। Hisar और Karnal जैसे क्षेत्रों में खेतों पर जमी ओस और पाले ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। वहीं Rajasthan के कुछ हिस्सों में भी फसलों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

फसलों को हो सकता है नुकसान

विशेषज्ञों के अनुसार, अगले दो दिनों तक पाले का असर बना रह सकता है। इससे सरसों, आलू, सब्जियों और अन्य रबी फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा है। किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे सिंचाई, धुआं करना या अन्य पारंपरिक उपायों के जरिए अपनी फसलों को ठंड से बचाने का प्रयास करें। समय रहते सावधानी बरतने से नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

16 से 20 जनवरी: ठंड से आंशिक राहत की उम्मीद

जहां एक ओर कड़ाके की सर्दी ने लोगों को परेशान कर रखा है, वहीं दूसरी ओर आने वाले दिनों में थोड़ी राहत की उम्मीद भी जताई जा रही है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 16 से 20 जनवरी के बीच बादलों की आवाजाही और हवा की दिशा में बदलाव के कारण न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। इससे रात और सुबह की ठंड कुछ हद तक कम महसूस होगी।

यह भी पढ़े:
UPI Payment New Rules UPI के नियम बदले, अब ट्रांजैक्शन से पहले जान लें ये 5 बातें UPI Payment New Rules

कोहरे में भी आ सकती है कमी

तापमान बढ़ने और बादलों के असर से घने कोहरे की तीव्रता में भी अस्थायी कमी देखने को मिल सकती है। इससे सड़क और रेल यातायात को राहत मिलेगी। हालांकि यह राहत स्थायी नहीं होगी और मौसम की आगे की चाल पर सब कुछ निर्भर करेगा।

20–21 जनवरी: उत्तर और मध्य भारत में बारिश की संभावना

मौसम का सबसे अहम पहलू 20 और 21 जनवरी के आसपास सामने आ सकता है। इस दौरान उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना जताई जा रही है। यह इस सर्दी के मौसम की पहली अच्छी और व्यापक बारिश मानी जा सकती है। खेतों के लिए यह बारिश बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है, खासकर उन इलाकों में जहां नमी की कमी महसूस की जा रही है।

खेती के लिए क्यों जरूरी है यह बारिश

यह संभावित बारिश गेहूं, चना और सरसों जैसी रबी फसलों के लिए फायदेमंद होगी। मिट्टी में नमी बढ़ने से फसलों की वृद्धि बेहतर होगी और किसानों को सिंचाई पर होने वाले खर्च में भी राहत मिल सकती है। इसके अलावा, लंबे समय से शुष्क मौसम के कारण बढ़ रहे प्रदूषण पर भी बारिश का सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है।

यह भी पढ़े:
Income Tax New Rules ₹12 लाख इनकम पर 0 टैक्स, सरकार का बड़ा फैसला, जानें कौन होगा फायदा में Income Tax New Rules

राहत के बाद फिर लौटेगी सर्दी और कोहरा

हालांकि मौसम की यह राहत ज्यादा दिनों तक टिकने वाली नहीं है। जैसे ही 22–23 जनवरी के बाद यह पश्चिमी विक्षोभ आगे निकल जाएगा, उसके पीछे साफ आसमान और उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं का दौर शुरू हो सकता है। इससे तापमान एक बार फिर तेजी से नीचे गिरेगा और घने कोहरे की वापसी होगी।

जनवरी के अंत तक जारी रह सकता है ठंड का सितम

मौसम विभाग और निजी एजेंसियों का अनुमान है कि जनवरी के आखिरी सप्ताह तक सर्दी का असर बना रहेगा। सुबह और रात के समय ठंड ज्यादा सताएगी, वहीं कोहरे के कारण दृश्यता में कमी भी बनी रह सकती है। ऐसे में बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

सेहत और दैनिक जीवन पर असर

लगातार बदलते मौसम का सीधा असर स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। ठंड, कोहरा और नमी के कारण सर्दी-खांसी, बुखार और सांस से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं। लोगों को गर्म कपड़े पहनने, पर्याप्त पानी पीने और सुबह-शाम अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है। वाहन चालकों को भी कोहरे में धीमी गति और सुरक्षित दूरी बनाए रखनी चाहिए।

यह भी पढ़े:
LPG Cylinder Price Today आज जारी हुए 14.2 Kg घरेलू गैस सिलेंडर के नए दाम, देखें नई कीमतें LPG Cylinder Price Today

निष्कर्ष: सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव

उत्तर और मध्य भारत के लिए आने वाले दिन मौसम के लिहाज से बेहद अहम रहने वाले हैं। बर्फबारी, बारिश, पाला और कोहरा—ये सभी स्थितियां अलग-अलग समय पर असर दिखा सकती हैं। किसानों से लेकर आम नागरिकों तक, सभी के लिए जरूरी है कि वे मौसम अपडेट पर नजर रखें और आवश्यक सावधानियां अपनाएं। बदलते मौसम के बीच समझदारी और तैयारी ही नुकसान को कम कर सकती है और इस सर्दी के दौर को सुरक्षित रूप से पार करने में मददगार साबित होगी।

Leave a Comment