UP Winter Vacation Update: उत्तर प्रदेश में इस समय सर्दी अपने चरम पर है। लगातार गिरते तापमान, घने कोहरे और शीतलहर ने आम जनजीवन के साथ-साथ बच्चों की पढ़ाई पर भी असर डाला है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के कई जिलों में जिला प्रशासन और बेसिक शिक्षा विभाग ने स्कूलों की छुट्टियों को आगे बढ़ाने का फैसला लिया है। बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय राज्य स्तर पर नहीं, बल्कि जिलावार परिस्थितियों के अनुसार लिया गया है।
पहले प्रदेश सरकार की ओर से 14 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश घोषित किया गया था। इसके बाद 15 जनवरी को मकर संक्रांति के पर्व के कारण सभी स्कूल स्वाभाविक रूप से बंद रहे। 16 जनवरी से विद्यालय खोलने की योजना थी, लेकिन मौसम ने अचानक करवट ले ली। सुबह और देर रात तक छाए घने कोहरे, ठंडी हवाओं और बेहद कम तापमान को देखते हुए कई जिलों के प्रशासन ने स्कूल खोलने के फैसले को टाल दिया और छुट्टियों को आगे बढ़ा दिया।
जिला प्रशासन ने क्यों लिया यह फैसला
बीते कुछ दिनों से उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया जा रहा है। सुबह के समय दृश्यता बेहद कम हो जाती है, जिससे बच्चों का स्कूल जाना जोखिम भरा हो सकता है। खासकर प्राथमिक और उच्च प्राथमिक कक्षाओं में पढ़ने वाले छोटे बच्चों पर ठंड का प्रभाव अधिक पड़ता है। इसी वजह से जिला अधिकारियों ने स्थानीय मौसम रिपोर्ट, कोहरे की स्थिति और शीतलहर के असर को देखते हुए छुट्टियों को बढ़ाने का निर्णय लिया।
प्रशासन का मानना है कि जब तक मौसम में थोड़ा सुधार नहीं होता, तब तक बच्चों को स्कूल बुलाना उचित नहीं है। कई जिलों में यह भी देखा गया कि सुबह के समय सड़कों पर फिसलन और कोहरे के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में एहतियातन स्कूलों को बंद रखना जरूरी समझा गया।
इन जिलों में बढ़ाई गई स्कूलों की छुट्टियां
प्रदेश के करीब 11 जिलों में ठंड के चलते स्कूलों की छुट्टियों को बढ़ाया गया है। मुरादाबाद जिले में 17 जनवरी को सभी परिषदीय विद्यालय बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। वहीं प्रयागराज में हालात को देखते हुए छुट्टियों को 20 जनवरी तक बढ़ा दिया गया है और 21 जनवरी से स्कूल दोबारा खोलने का निर्णय लिया गया है।
रामपुर जिले में 16 और 17 जनवरी को अवकाश घोषित किया गया है। 18 जनवरी को रविवार होने के कारण पहले से छुट्टी है, ऐसे में 19 जनवरी से स्कूल खुलने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि यहां यह भी स्पष्ट किया गया है कि शिक्षकों को अपने निर्धारित समय पर विद्यालय पहुंचना होगा।
श्रावस्ती और बुलंदशहर में भी 16 और 17 जनवरी को स्कूल बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। इसके अलावा बरेली, शामली और मुजफ्फरनगर में भी दो दिनों के लिए छुट्टी घोषित की गई है। मुजफ्फरनगर में विशेष रूप से घने कोहरे और अत्यधिक ठंड को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
बिजनौर और पीलीभीत जिलों में भी 16 और 17 जनवरी को सभी बोर्ड से मान्यता प्राप्त स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। इन जिलों में कक्षा 1 से 8 तक के सभी परिषदीय प्राथमिक विद्यालय, उच्च प्राथमिक विद्यालय, सहायता प्राप्त स्कूल, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय और राजकीय सहायता प्राप्त विद्यालय शामिल हैं।
सभी बोर्ड के स्कूल रहेंगे बंद
इन जिलों में केवल सरकारी ही नहीं, बल्कि सभी बोर्ड से मान्यता प्राप्त विद्यालयों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी छात्र को ठंड के कारण स्कूल आने के लिए मजबूर न होना पड़े। प्रशासन ने साफ किया है कि आदेश का पालन न करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है।
आगे भी बढ़ सकती हैं छुट्टियां
मौसम विभाग की मानें तो आने वाले कुछ दिनों में भी शीतलहर और घने कोहरे से राहत मिलने की संभावना कम है। रात और सुबह के समय तापमान और गिर सकता है। ऐसे में यदि मौसम की स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो अन्य जिलों में भी स्कूलों की छुट्टियों को आगे बढ़ाया जा सकता है।
हालांकि जिन जिलों में फिलहाल अवकाश बढ़ाने का आदेश जारी नहीं किया गया है, वहां स्कूल पहले से तय तारीख के अनुसार खोले जाएंगे। कुछ जिलों में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है ताकि बच्चों को सुबह की अत्यधिक ठंड से बचाया जा सके।
स्कूल टाइमिंग में किया गया बदलाव
जहां-जहां स्कूल खोले जा रहे हैं, वहां जिला प्रशासन ने समय में बदलाव के निर्देश दिए हैं। उदाहरण के तौर पर शाहजहांपुर जिले में कक्षा 12 तक के सभी स्कूल अब सुबह 10 बजे से संचालित किए जाएंगे। इसी तरह अन्य जिलों में भी स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। इसका मकसद यह है कि बच्चों को बहुत सुबह ठंड और कोहरे में घर से बाहर न निकलना पड़े।
बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर प्रशासन सतर्क
जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर पूरी तरह गंभीर नजर आ रहा है। छोटे बच्चों में ठंड के कारण सर्दी, खांसी, बुखार और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए छुट्टियों का फैसला लिया गया है।
अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे अपने बच्चों को ठंड से बचाकर रखें और स्कूल से जुड़े किसी भी नए आदेश की जानकारी के लिए विद्यालय या शिक्षा विभाग से संपर्क बनाए रखें। मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और हालात के अनुसार आगे भी फैसले लिए जाएंगे।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर उत्तर प्रदेश के कई जिलों में ठंड ने स्कूलों की दिनचर्या को पूरी तरह बदल दिया है। प्रशासन का यह कदम बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद जरूरी माना जा रहा है। आने वाले दिनों में मौसम कैसा रहेगा, इस पर ही यह तय होगा कि छुट्टियां और बढ़ेंगी या स्कूल सामान्य रूप से खुल पाएंगे। फिलहाल अभिभावकों और छात्रों को जिला प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और सतर्क रहने की जरूरत है।












