UP Weather Alert 2026: उत्तर प्रदेश में जनवरी के मध्य में ठंड ने अपना सबसे कठोर रूप दिखाना शुरू कर दिया है। सुबह और रात के समय घना कोहरा, दिनभर गलन और तेज ठंडी हवाओं ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। सड़कों से लेकर रेल और हवाई यातायात तक पर इसका सीधा असर दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिन प्रदेशवासियों के लिए चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं, इसलिए सतर्कता और सावधानी बेहद जरूरी हो गई है।
मौसम अलर्ट और चेतावनी की स्थिति
भारतीय मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों के लिए कोहरे और ठंड को लेकर विशेष चेतावनी जारी की है। अगले पांच दिनों तक प्रदेश में घना से बहुत घना कोहरा छाए रहने की संभावना जताई गई है। कई जिलों में दृश्यता बेहद कम हो सकती है, जिससे सड़क और रेल यात्रा जोखिम भरी बन सकती है। इसी के साथ शीत दिवस की चेतावनी भी दी गई है, जिसका मतलब है कि दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से काफी नीचे रहेगा।
यह चेतावनी खासतौर पर उन इलाकों के लिए अहम है जहां पहले से ही तापमान तेजी से गिर चुका है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोग ठंड की मार झेल रहे हैं, वहीं प्रशासन को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
कौन-कौन से जिले ज्यादा प्रभावित
पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिले इस समय कोहरे की चपेट में हैं। वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, आजमगढ़ जैसे क्षेत्रों में रात से सुबह तक घना कोहरा बना रह सकता है। सुबह के समय दृश्यता इतनी कम हो जाती है कि कुछ स्थानों पर सामने की चीजें भी स्पष्ट नहीं दिखतीं।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश की स्थिति भी अलग नहीं है। मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा और आसपास के इलाकों में दृश्यता 50 मीटर या उससे भी कम दर्ज की जा रही है। राजधानी लखनऊ, कानपुर जैसे बड़े शहरों में न्यूनतम तापमान 6 से 8 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जबकि दिन का तापमान भी सामान्य से 4 से 5 डिग्री नीचे चल रहा है।
ठंड और कोहरे के पीछे का वैज्ञानिक कारण
इस समय उत्तर-पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव उत्तर भारत पर साफ तौर पर देखा जा रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों से आने वाली ठंडी हवाएं मैदानी इलाकों में तापमान को तेजी से गिरा रही हैं। इसके साथ ही वातावरण में मौजूद नमी और कमजोर धूप कोहरे को और घना बना रही है।
जनवरी के महीने में सूरज की किरणें पहले से ही कमजोर होती हैं। जब हवा में नमी बढ़ जाती है और रात का तापमान तेजी से गिरता है, तो कोहरा बनने की संभावना और ज्यादा हो जाती है। पिछले दिनों हुई हल्की बारिश ने भी वातावरण में नमी बढ़ा दी थी, जिससे ठंड का असर और तेज हो गया है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति 15 से 19 जनवरी तक बनी रह सकती है।
किसानों और कृषि पर असर
ठंड और कोहरे का सीधा असर खेती-किसानी पर भी पड़ रहा है। गेहूं, सरसों और सब्जियों की फसलों पर पाले का खतरा बढ़ गया है। जिन इलाकों में रात का तापमान बहुत नीचे चला जाता है, वहां फसलें झुलसने की आशंका रहती है। किसान इस समय फसलों को ढकने, हल्की सिंचाई करने और खेतों में धुआं करने जैसे उपाय अपना रहे हैं।
पशुपालकों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। ठंड की वजह से पशुओं के बीमार पड़ने का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए उन्हें गर्म स्थान पर रखने और पोषक आहार देने की सलाह दी जा रही है।
स्वास्थ्य पर पड़ रहा प्रभाव
कड़ाके की ठंड और गलन भरी हवा का असर लोगों की सेहत पर भी साफ दिखाई दे रहा है। सर्दी-जुकाम, खांसी, दमा और हृदय संबंधी रोगों से पीड़ित मरीजों की संख्या अस्पतालों में बढ़ रही है। बुजुर्गों और छोटे बच्चों के लिए यह मौसम खासतौर पर जोखिम भरा है, क्योंकि ठंडी हवा सांस लेने में परेशानी पैदा कर सकती है।
डॉक्टरों की सलाह है कि लोग सुबह और रात के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचें, गर्म कपड़े पहनें और ठंडे खाद्य पदार्थों से दूरी बनाए रखें। गर्म पानी, सूप और पौष्टिक भोजन शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।
यातायात व्यवस्था पर संकट
घने कोहरे की वजह से सड़क, रेल और हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। कई ट्रेनें दो से तीन घंटे तक देरी से चल रही हैं, वहीं कुछ उड़ानों को रद्द भी करना पड़ा है। एक्सप्रेसवे और हाईवे पर वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कम दृश्यता के कारण दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।
प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि अत्यंत आवश्यक होने पर ही यात्रा करें। वाहन चलाते समय फॉग लाइट का इस्तेमाल करें, गति कम रखें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
सरकारी तैयारियां और सावधानियां
ठंड को देखते हुए राज्य सरकार और जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर हैं। रैन बसेरों की व्यवस्था की गई है, जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए जा रहे हैं और आपात सेवाओं को सक्रिय रखा गया है। कई जिलों में हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता मिल सके।
स्कूलों में छुट्टियां बढ़ाने या समय में बदलाव जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं, ताकि बच्चों को ठंड से बचाया जा सके। प्रशासन लगातार मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
अगले कुछ दिनों का तापमान पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार, अगले पांच दिनों में पूर्वी उत्तर प्रदेश में न्यूनतम तापमान 7 से 9 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 16 से 18 डिग्री के बीच रह सकता है। पश्चिमी हिस्सों में तापमान में हल्का सुधार संभव है, लेकिन ठंड का असर पूरी तरह खत्म होने में समय लगेगा। 20 जनवरी के बाद मौसम में कुछ राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश में इस समय ठंड और घने कोहरे का दौर चरम पर है। अगले कुछ दिन लोगों के लिए सतर्कता बरतने वाले होंगे। स्वास्थ्य, यातायात और कृषि तीनों ही क्षेत्रों पर इसका गहरा प्रभाव पड़ रहा है। यदि लोग मौसम विभाग की सलाहों का पालन करें और आवश्यक सावधानियां अपनाएं, तो इस कठिन समय में नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। सरकार और प्रशासन की मदद उपलब्ध है, बस जरूरत है जागरूक रहने और समय-समय पर अपडेट लेते रहने की।















